World News: अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक 64 साल के टीचर किम केनेथ विल्सन को कोर्ट ने मासूम बच्चियों से यौन शोषण और उनसे जुड़े गंभीर अपराधों में दोषी मानते देते हुए 215 साल कैद की सजा सुनाई है। देखने में वह एक साधारण और मेहनती शिक्षक लगता था, जिसे बच्चे अपना ‘फेवरेट टीचर’ कहते थे, लेकिन उसकी असलियत बेहद खौफनाक थी। वह करीब 23 साल तक एक एलिमेंट्री स्कूल में पढ़ाता रहा और इसी दौरान उसने बच्चों के साथ बड़ा गुनाह किया।
स्कूल में साउंडप्रूफ कमरे को बना रखा था दरिंदगी का अड्डा
विल्सन स्कूल के ऑडियो-वीडियो क्लब का प्रमुख भी था, जिसके चलते उसे स्कूल के ब्रॉडकास्ट रूम तक हमेशा बिना रोक-टोक आने जाने की इजाजत थी। यह कमरा पूरी तरह साउंडप्रूफ था और इसको उसने अपनी दरिंदगी का अड्डा बना रखा था। वहां वह मासूम बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता और दरवाजा बंद कर गलत हरकतें करता और इस दौरान वीडियो और तस्वीरें भी बनाता। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने 6-7 साल की बच्चियों तक को नहीं छोड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक टीचर विल्सन की दरिंदगी सिर्फ स्कूल तक ही सीमित नहीं थी। अपने घर पर भी निजी पार्टियां करता और वहां बच्चों को बुलाकर उनका शोषण करता था। सालों तक इस गुनाह को अंजाम देने के बाद उसने हजारों आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए थे। हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक न स्कूल प्रशासन को भनक लगी और न ही किसी ने इसकी शिकायत की। आखिरकार 2023 में एक गुमनाम शिकायत के बाद पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। जांच में मिले सबूतों ने सबको हैरान कर दिया। वहां से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई और कई बच्चों के साथ शोषण की पुष्टि हुई। मामला कोर्ट पहुंचा तो कई बच्चों और उनके परिवारों ने साहस दिखाते हुए गवाही दी।
कोर्ट ने उसे 36 गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। पीड़ितों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, लेकिन सदमे और डर की वजह से कई लोग सामने नहीं आए। अमेरिकी कोर्ट ने विल्सन को 215 साल कैद की सजा सुनाई और साफ किया कि अब यह व्यक्ति जिंदगी का हर दिन जेल की सलाखों के पीछे गुजारेगा। हालांकि अमेरिकी कानून के तहत बुजुर्ग कैदियों को 20 साल की सजा काटने के बाद पैरोल मिलने का नियम है। अगर विल्सन इस नियम का फायदा उठाता है, तो 85 साल की उम्र में वह जेल से बाहर आ सकता है।



