World News: गाजा के नासर अस्पताल पर हुए भयानक हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। इसमें कम से कम 21 लोग मारे गए, जिनमें पांच पत्रकार, चिकित्सक और राहतकर्मी शामिल थे। इजरायली सेना के इस ‘दोहरे’ हमले ने न केवल अस्पताल के आसपास रहने वालों, बल्कि मरीजों और वहां मौजूद हर शख्स के मन में दहशत पैदा कर दी। वहीं इस हमले के बाद इजरायल माफी मांगता घूम रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।

इजरायली पीएम के कार्यालय ने एक्स पर लिखा, इजरायल को नासर अस्पताल में हुई इस त्रासदी पर गहरा अफसोस है। हम पत्रकारों, चिकित्सा कर्मियों और सभी नागरिकों के काम को महत्व देते हैं। लेकिन इस बयान के बावजूद, हमले की तीखी आलोचना हो रही है।
दुनियाभर में इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़े फ्रांसेस्का अल्बानेस ने कहा, ‘गाजा में हर पल ऐसी त्रासदियां हो रही हैं, जो अक्सर अनदेखी रहती हैं। मैं देशों से अनुरोध करती हूं कि इस नरसंहार को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करें।’ पैलेस्टिनियन जर्नलिस्ट्स सिंडिकेट ने इसे ‘मुक्त प्रेस के खिलाफ खुला युद्ध’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह हमला पत्रकारों को डराने और सच्चाई को दबाने की कोशिश है।’

अल जजीरा ने भी इस हमले को ‘सच्चाई को दफन करने की साफ मंशा’ बताया। इस हमले की खबर सुन अमेरिकी राष्ट्रपति भी हैरान रह गए। उन्होंने कहा,यह कब हुआ। ये अच्छी बात नहीं है, इस बुरे सपने को खत्म करना होगा। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे ‘असहनीय’ बताया और कहा कि पत्रकारों और नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में होनी चाहिए। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पत्रकारों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले रोकने के लिए तुरंत सख्त अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई जरूरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली सेना ने पहले अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर हमला किया। इसके कुछ ही मिनट बाद, जब पत्रकार और राहतकर्मी घायलों की मदद के लिए बाहरी सीढ़ियों पर पहुंचे, दूसरा हमला हुआ। इस हमले में पत्रकार मोहम्मद सलामा, कैमरामैन हुस्सम अल-मसरी और फ्रीलांस पत्रकार मारियाम अबु दक्का समेत पांच पत्रकारों की जान चली गई।

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